क्या है यूडीआईडी कार्ड?


सामान्य प्रश्न
1.  क्या है यूडीआईडी कार्ड?
यूडीआईडी कार्ड या विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र भारत सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने और प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति को एक विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र जारी करने की दृष्टि से की गई एक पहल है। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को सरकारी लाभ प्रदान करने में पारदर्शिता, दक्षता और सुगमता को प्रोत्साहित करना और इसमें एकरूपता सुनिश्चित करना है। इससे कार्यान्वयन के पदानुक्रम के सभी स्तरों – गांव स्तर, ब्लॉक स्तर, जिला स्तर, राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर से लाभार्थी की वास्तविक और वित्तीय प्रगति के बारे में व्यवस्थित रूप से पता लगाने में मदद मिलेगी ।

2.  यूडीआईडी कार्ड के लिए आवेदन कौन कर सकता है और यूडीआईडी कार्ड के लिए आवेदन कहां करना है?
पूर्ण/आंशिक रूप से दिव्यांगता ग्रस्त भारत का कोई भी नागरिक इस वेबसाइट पर यूडीआईडी कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है - https://www.swavlambancard.gov.in/  

3.  यूडीआईडी कार्ड के लिए आवेदन करने हेतु अपेक्षित दस्तावेज क्या हैं?
एक रंगीन फोटो, दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि पहले से ही है तो) और पते का प्रमाण।

4.  दिव्यांगता प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड के लिए यूडीआईडी पोर्टल में आवेदन करते समय अपलोड किए जाने वाले दस्तावेज़ का आकार और प्रारूप क्या होना चाहिए?
आवेदक का फोटो – आकार : 15-100 KB, और प्रारूप : jpeg, jpg, gif और png.

आवेदक का हस्ताक्षर- आकार : 3-30 KB, और प्रारूप : jpeg, jpg, gif और png.

पते का प्रमाण- आकार :10-500 KB, और प्रारूप : jpeg, jpg, png और pdf.

दिव्यांगता प्रमाण पत्र- आकार :10-500 KB, और प्रारूप : jpeg, jpg, png और pdf

5.  यूडीआईडी कार्ड में कितने अंक (डिजिट) / अक्षर (कैरक्टर्स) हैं?
यूडीआईडी कार्ड में कुल 18 अंक/ अक्षर होते हैं। पहले 2 अक्षर राज्य कोड को दर्शाते हैं, अगले 2 अंक जिला कोड के लिए है, अगला 1 अंक सीएमओ कोड के लिए है, अगले 2 अंक दिव्यांगता के प्रकार को दर्शाते हैं, अगले 4 अंक दिव्यांग व्यक्ति के जन्म वर्ष के लिए है, बाद के 6 अंक रनिंग नंबर के लिए है और अंतिम अंक चेक राशि के लिए है जो सुरक्षा कारण से शामिल किए गए हैं।  

6.  यूडीआईडी कार्ड की वैधता क्या है?
यूडीआईडी कार्ड की वैधता दो प्रकार की होती है- स्थायी यूडीआईडी कार्ड और अस्थायी यूडीआईडी कार्ड-

7.  स्थायी यूडीआईडी कार्ड: सक्षम चिकित्सा प्राधिकरी दिव्यांग व्यक्ति की दिव्यांगता में कोई प्रगति या प्रतिगमन (रिग्रेस) न होने को ध्यान में रखते हुए स्थायी यूडीआईडी कार्ड जारी करता है ।
अस्थायी यूडीआईडी कार्ड: सक्षम चिकित्सा प्राधिकरी दिव्यांग व्यक्ति की दिव्यांगता में कोई प्रगति या प्रतिगमन होने को ध्यान में रखते हुए अस्थायी यूडीआईडी कार्ड जारी करता है।

जब मेरे यूडीआईडी कार्ड की वैधता समाप्त हो जाती है तो मुझे क्या करना चाहिए?

यदि अस्थायी यूडीआईडी कार्ड की वैधता समाप्त हो जाती है, तो पीडब्ल्यूडी को इस पोर्टल के माध्यम से यूडीआईडी कार्ड के नवीकरण के लिए आवेदन करना होगा - https://www.swavlambancard.gov.in/

8.  यूडीआर्ईडी कार्ड के कितने प्रकार हैं?
दिव्यांगता की गंभीरता के आधार पर तीन प्रकार के रंग आधारित यूडीआईडी कार्ड जारी किए जाते हैं-

सफेद कार्ड: दिव्यांग व्यक्ति की दिव्यांगता का प्रतिशत 40% से कम होने पर यह कार्ड जारी किया जाता है ।
पीला कार्ड: दिव्यांग व्यक्ति की दिव्यांगता का प्रतिशत 40% से अधिक परंतु 80% से कम होने पर यह कार्ड जारी किया जाता है ।
नीला कार्ड: दिव्यांग व्यक्ति की दिव्यांगता का प्रतिशत 80% से अधिक होने पर यह कार्ड जारी किया जाता है।
9.  यूडीआईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया क्या है?
इसमें निम्नलिखित चरण शामिल हैं -

पीडब्ल्यूडी को अस्थायी यूडीआईडी कार्ड जारी होने के मामले में नए यूडीआईडी कार्ड या यूडीआईडी कार्ड के नवीकरण के लिए पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना आवश्यक है।   
आवेदन पीडब्ल्यूडी के निवासी जिले के अधिसूचित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) या जिला चिकित्सा अधिकारी (डीएमओ),जैसा भी मामला हो, के पास पहुँचता है।
आवेदन के सत्यापन के बाद, सीएमओ /डीएमओ सत्यापित पीडब्ल्यूडी के मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों को नियुक्त करता है।
विशेषज्ञ डॉक्टर एक निश्चित तिथि पर पीडब्ल्यूडी का मूल्यांकन करता है और मेडिकल बोर्ड को मूल्यांकन रिपोर्ट प्रस्तुत करता है।
मेडिकल बोर्ड दिव्यांगता के प्रतिशत और प्रकार, दिव्यांगता प्रमाण पत्र की वैधता और पीडब्ल्यूडी के ऐसे अन्य मुद्दों पर निर्णय लेता है। मेडिकल बोर्ड अपने निर्णय की जानकारी संबंधित सीएमओ/डीएमओ को देता है।
10.  सीएमओ/डीएमओ द्वारा भरे गए मूल्यांकन विवरण के आधार पर, एक यूडीआईडी कार्ड तैयार किया जाता है। फिर विभाग स्पीड पोस्ट के माध्यम से पीडब्ल्यूडी को कार्ड भेजता है।
क्या दिव्यांगता के मूल्यांकन के लिए डॉक्टरों को कोई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं?

जी हां, विभाग ने मूल्यांकन दिशानिर्देश जारी किए हैं जो यूडीआईडी (https://www.swavlambancard.gov.in/) और विभाग (https://disabilityaffairs.gov.in/) के वेब पोर्टल पर उपलब्ध हैं।

11.  मैं मूल्यांकन के लिए नियुक्त किए गए चिकित्सा प्राधिकरण / अस्पताल के बारे में कैसे पता लगा सकता / सकती हूं? मूल्यांकन के बाद मुझे क्या करने की आवश्यकता है?
पीडब्ल्यूडी के लिए मूल्यांकन हेतु नियुक्त किए गए चिकित्सा प्राधिकरण/अस्पताल का विवरण यूडीआईडी पोर्टल द्वारा तैयार की गई रसीद पर उपलब्ध होता है।

पीडब्ल्यूडी को आगे की प्रक्रिया के लिए नियुक्त किए गए चिकित्सा प्राधिकरण / अस्पताल से संपर्क करने की आवश्यकता है।

12.  आवेदन में या यूडीआईडी कार्ड में अद्यतन (अपडेशन), संशोधन या परिवर्तन की प्रक्रिया क्या है?
यह वांछित है कि पीडब्ल्यूडी ध्यानपूर्वक आवेदन पत्र भरें। यदि आवेदन पत्र में किसी भी परिवर्तन / संशोधन की आवश्यकता है, तो पीडब्ल्यूडी को संबंधित जिले के सीएमओ / डीएमओ से संपर्क करना चाहिए।

इसके अलावा, यदि यूडीआईडी कार्ड तैयार और प्राप्त किया जाता है, तो पीडब्ल्यूडी को संबंधित सीएमओ/डीएमओ से यूडीआईडी कार्ड में सुधार/संशोधन/परिवर्तन करने के लिए उचित दस्तावेजों के साथ संपर्क करना चाहिए। 

13.  मेरे पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र है, मुझे क्या करना चाहिए?
जिन दिव्यांगजन के पास पहले से ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र है उन्हें आवेदन पत्र में "क्या आपके पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र है" विकल्प में "हां" विकल्प चुनकर यूडीआईडी पोर्टल (www.swavlambancard.gov.in) पर आवेदन करना होगा। चिकित्सा प्राधिकरण इस मामले में दिव्यांगता के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता पर निर्णय ले सकता है।

14.  क्या यूडीआईडी कार्ड डिजीलॉकर से जुड़ा हुआ है?
जी हां, यूडीआईडी कार्ड को अक्टूबर 2020 में डिजिलॉकर के साथ जोड़ दिया गया है।

15.  मेडिकल इशुइंग अथॉरिटी और जिला समाज कल्याण अधिकारी कौन हैं?
मेडिकल इशुइंग अथॉरिटी दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए प्राधिकृत किसी जिले के लिए सक्षम चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ / सीएचएमओ / सीडीएमओ / सिविल सर्जन) है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी (डीएसडब्ल्यू) जिला स्तर का अधिकारी है जो राज्यों के सामाजिक कल्याण / सामाजिक न्याय विभाग से संबंधित कार्य को देखता है। डीएसडब्ल्यू पीडब्ल्यूडी के लिए उपलब्ध योजनाओं और लाभों के मुद्दों को देखता है।

16.  पीडब्ल्यूडी को यूडीआईडी कार्ड कैसे पहुंचाया जाएगा? क्या यूडीआईडी कार्ड देने के लिए कोई समय सीमा है?
एक बार यूडीआईडी कार्ड के तैयार होने के बाद, इसे स्पीड पोस्ट के माध्यम से पीडब्ल्यूडी को वितरित किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी पोर्टल पर दिखाए गए कन्साइन्मेंट नंबर से यूडीआईडी कार्ड का पता लगाया जा सकता है।

हालांकि, यूडीआईडी कार्ड वितरित करने के लिए ऐसी कोई समय सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन जैसे ही संबंधित चिकित्सा प्राधिकरण द्वारा यूडीआईडी कार्ड तैयार किया जाता है, प्लास्टिक यूडीआईडी कार्ड को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पीडब्ल्यूडी को भेज दिया जाता है।

17.  क्या कोई दिव्‍यांगजन अलग-अलग राज्यों या जिलों में अपना विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) बनवा सकता है?
नियम के अनुसार, दिव्‍यांगजन अपना विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) अपने निवासी जिले से या उन अधिसूचित सरकारी अस्पतालों से प्राप्त कर सकता है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

18.  विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) के माध्यम से किसी दिव्‍यांगजन को कैसे लाभ मिलता है?
सरकारी योजनाओं और लाभों तक सुगम्‍यता: विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) को भारत सरकार द्वारा दिव्‍यांगता  के प्रमाण के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसका अर्थ है कि दिव्‍यांगजन अपने विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) का उपयोग विभिन्न सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता, स्वास्थ्य परिचर्या सेवाओं, शिक्षा और रोजगार जैसे लाभों का उपयोग करने के लिए कर सकते हैं।

आसान पहचान: विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) प्रत्येक दिव्‍यांगजन को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान करता है। यह दिव्‍यांगजन की आसान पहचान में मदद करता है और यह सुनिश्चित करता है कि उन्हें सही प्रकार की सहायता और जीविका (सपोर्ट) प्राप्त हो।

सुगम्यता: विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) में व्यक्ति की दिव्‍यांगता  के प्रकार और स्तर के बारे में जानकारी होती है। इस जानकारी का उपयोग दिव्‍यांगजनों के लिए सार्वजनिक स्थानों और परिवहन को अधिक सुगम्‍य बनाने के लिए किया जा सकता है।

19.  यदि मुझे चिकित्सीय मूल्यांकन के लिए नहीं बुलाया जाता है तो मुझे किससे संपर्क करना चाहिए?
दिव्‍यांगजन  को संबंधित जिले के सीएमओ/डीएमओ/चिकित्सा प्रभारी से संपर्क करना चाहिए जिसमें उसका यूडीआईडी आवेदन जमा किया गया हो।

20.  मुझे कैसे पता चलेगा, मुझे चिकित्सा मूल्यांकन के लिए कब बुलाया जाएगा?
दिव्‍यांगजनों  के मोबाइल नंबर पर मूल्यांकन की तारीख और अस्पताल के नाम का उल्लेख करते हुए एक एसएमएस भेजा जाएगा। यदि दिव्‍यांगजन ने यूडीआईडी एप्लिकेशन में मोबाइल नंबर का उल्लेख नहीं किया है, तो उन्हें जिले के संबंधित सीएमओ से संपर्क करना चाहिए।

21.  मेरे पास मैन्युअल रूप से जारी किया गया दिव्‍यांगता  प्रमाण पत्र है। क्या मुझे चिकित्सा मूल्यांकन से गुजरना होगा?
इस मामले में, चिकित्सा प्राधिकरण दिव्‍यांगता के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता तय कर सकता है।

22.  मैं 2017 और 2018 में जारी चिकित्सा मूल्यांकन के दिशानिर्देश कहां पढ़ सकता हूं?
यूडीआईडी पोर्टल (https://www.swavlambancard.gov.in/ ) पर जाएं, "मीडिया गैलरी" सेक्‍शन के "सर्कुलर" सब-सेक्‍शन के बाद, दिव्‍यांगता  से संबंधित सरकारी दिशानिर्देश और अधिनियम मिल सकते हैं।

23.  राज्य समन्वयक की भूमिका क्या है?
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में यूडीआईडी परियोजना के सुचारू कार्यान्वयन पर काम करने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को राज्य समन्वयक प्रदान किया गया है। उनकी भूमिकाएँ निम्नलिखित हैं-

परियोजना के कार्यान्वयन में राज्य के सभी संबंधित विभागों और विभाग में यूडीआईडी परियोजना की परियोजना प्रबंधन इकाई के साथ समन्वय।

परियोजना की प्रगति की मॉनीटरिंग, परियोजना की समय सारिणी बनाए रखना और राज्य में परियोजना के कार्यान्वयन से उत्‍पन्‍न होने वाली समस्याओं का समाधान करना।

राज्य में प्रत्येक गांव/ब्लॉक/जिले से डेटा/सूचना एकत्रित करने और उसका विश्लेषण करके परियोजना स्थिति रिपोर्ट तैयार करना और इसे राज्य में प्रमुख सचिव (समाज कल्याण विभाग)/यूडीआईडी परियोजना के प्रभारी अधिकारी को प्रस्‍तुत करना और विभाग (डीईपीडब्‍ल्‍यूडी) को प्रति प्रेषित करना ।

जिला प्रशासन के उचित सहयोग से दिव्‍यांगजनों के नामांकन / मूल्यांकन के लिए शिविर आयोजित करने में राज्य सरकार की सहायता करना।

परियोजना शुरू करने (रोल-आउट) में किसी भी प्रमुख मुद्दे को राज्य स्तर और केंद्र पर नोडल प्राधिकारियों/प्रभारी अधिकारी को भेजें (एस्‍कलेट करें)।

संबंधित राज्य द्वारा यूडीआईडी परियोजना के कार्यान्वयन में उसे सौंपे गए कोई अन्य कर्तव्य/जिम्मेदारियां।

राज्य समन्वयक सामाजिक न्याय/दिव्‍यांगता से संबंधित राज्य के प्रधान सचिव को रिपोर्ट करेगा। उनकी नियुक्ति पूर्णकालिक आधार पर (100% भागीदारी) होगी।

समाज कल्याण/दिव्‍यांगता  से संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के प्रधान सचिव राज्य समन्वयक को लोजिस्टिक्‍स सहायता प्रदान करेंगे।

24.  अगर मुझे लंबे इंतजार के बावजूद विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) जारी नहीं किया जाता है तो मुझे किसे लिखना चाहिए?
दिव्‍यांगजनों को उस संबंधित जिले के सीएमओ/डीएमओ/चिकित्सा प्रभारी से संपर्क करना चाहिए जिसमें उसका यूडीआईडी आवेदन जमा किया गया हो।

25.  आमतौर पर, ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद मेडिकल असेसमेंट कॉल आने में कितना समय लगता है?
आज की तारीख में, संबंधित अस्पताल से मेडिकल असेसमेंट कॉल प्राप्त करने के लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है। हालांकि, प्रतीक्षा सूची में आवेदनों की संख्या और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता मूल्यांकन के लिए शीघ्र कॉल प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

26.  क्या मैं स्वयं ऑनलाइन फॉर्म भर सकता हूँ या मुझे किसी कार्यालय की सहायता लेनी पड़ेगी?
दिव्‍यांगजन इसे खुद भर सकता है या किसी से मदद ले सकता है।

27.  क्या सीएससी मेरे लिए फॉर्म भरने के लिए अधिकृत है? इसका शुल्क क्‍या है?
जी हाँ। डीईपीडब्‍ल्‍यूडी और सीएससी के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन एमओयू के अनुसार, सीएससी प्रति आवेदन केवल 10 रुपये ले सकता है।

28.  क्या मुझे विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) जारी होने के बाद स्पीड पोस्ट ट्रैकिंग नंबर बताने वाला संदेश प्राप्त होगा?
जी नहीं। कार्ड को डिलीवरी के लिए भेजे जाने के बाद दिव्‍यांगजनों  को यूडीआईडी पोर्टल से अपना स्पीड ट्रैकिंग नंबर प्राप्त करना होगा।

29.  अगर मुझे विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) नहीं मिलता है तो क्या मैं कार्ड प्रिंटिंग एजेंसी से संपर्क कर सकता हूं?
जी नहीं। दिव्‍यांगजनों को विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) प्राप्त करने के लिए दिव्‍यांगजन सशक्तिकरण विभाग  या राज्य समन्वयक के पास शिकायत करनी चाहिए।

30.  केंद्र और राज्य सरकार के कौन से विभाग यूडीआईडी कार्ड रखने वाले दिव्‍यांगजनों को लाभ दे रहे हैं?
केन्द्रीय स्तर पर दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और राज्य स्तर पर दिव्यांगजनों से संबंधित समाज कल्याण विभाग संबंधित प्राधिकरण हैं जो यूडीआईडी कार्ड रखने वाले दिव्यांगजनों को लाभ प्रदान करते हैं।

31.  क्या मैं उन योजनाओं की सूची देख सकता हूं जिनके लाभ मुझे यूडीआईडी नंबर का धारक होने पर दिए गए हैं?
अब तक, केंद्रीकृत संस्करण में ऐसे कोई प्रावधान नहीं हैं। दिव्‍यांगजन को केंद्र और राज्य स्तर पर संबंधित विभागों से जांच करनी होती है ।

32.  यदि मेरी दिव्‍यांगता 40 प्रतिशत से कम है, तो क्‍या तब भी यूडीआईडी कार्ड का कोई उपयोग है?
दिनांक 16 दिसंबर, 2022 को डीईपीडब्ल्यूडी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार -

हमारे सभी राष्ट्रीय संस्थान और सीआरसी, यूडीआईडी कार्ड धारकों के साथ-साथ उन लोगों के लिए पंजीकरण / नैदानिक उपचार शुल्क माफ किया जा सकता है, जिनके पास दिव्‍यांगता प्रमाण पत्र है और यूडीआईडी पोर्टल पर नामांकित हुए हैं, चाहे उनकी दिव्‍यांगता का प्रतिशत (%) 1 जनवरी, 2023 से कुछ भी रहा हो।

हमारे राष्ट्रीय संस्थान और सीआरसी में विभिन्न पाठ्यक्रमों के उन छात्रों के लिए पूर्ण पाठ्यक्रम शुल्क माफ किया जाएगा, जो यूडीआईडी कार्ड धारक हैं, साथ ही उन लोगों के लिए जिनके पास दिव्‍यांगता प्रमाण पत्र है और जिन्होंने दिव्‍यांगता के प्रतिशत (%) पर ध्‍यान दिए बिना यूडीआईडी पोर्टल पर नामांकन कराया है। यह 2022-23 बैच के छात्रों से किया जाना चाहिए (उन लोगों सहित जो दो वर्षीय या उससे अधिक के पाठ्यक्रम कर रहे हैं और उनके दूसरे / तीसरे / चौथे वर्ष में हैं)।

33.  यदि मेरे पास वैध यूडीआईडी कार्ड है तो मैं डीईपीडब्‍ल्‍यूडी के राष्ट्रीय संस्थानों में किन सुविधाओं का लाभ उठा सकता हूं?
हमारे सभी राष्ट्रीय संस्थान और सीआरसी, यूडीआईडी कार्ड धारकों के साथ-साथ उन लोगों के लिए पंजीकरण / नैदानिक उपचार शुल्क माफ किया जाएगा, जिनके पास दिव्‍यांगता प्रमाण पत्र है और यूडीआईडी पोर्टल पर नामांकित हुए हैं, चाहे उनकी दिव्‍यांगता का प्रतिशत (%) 1 जनवरी, 2023 से कुछ भी रहा हो।

हमारे एनआई और सीआरसी में विभिन्न पाठ्यक्रमों के उन छात्रों के लिए पूर्ण पाठ्यक्रम शुल्क माफ किया जाएगा, जो यूडीआईडी कार्ड धारक हैं, साथ ही उन लोगों के लिए जिनके पास दिव्‍यांगता प्रमाण पत्र है और जिन्होंने दिव्‍यांगता के प्रतिशत (%) पर ध्‍यान दिए बिना यूडीआईडी पोर्टल पर नामांकन कराया है। यह 2022-23 बैच के छात्रों से किया जाना चाहिए (उन लोगों सहित जो दो वर्ष या उससे अधिक के पाठ्यक्रम कर रहे हैं और उनके दूसरे / तीसरे / चौथे वर्ष में हैं)।

34.  यूडीआईडी कार्ड की वैधता अवधि क्या है?
यूडीआईडी कार्ड की वैधता दो प्रकार की होती है- स्थायी यूडीआईडी कार्ड और अस्थायी यूडीआईडी कार्ड।

स्थायी यूडीआईडी: सक्षम चिकित्सा प्राधिकरण यह देखते हुए स्थायी यूडीआईडी कार्ड जारी करता है कि दिव्‍यांगजन की दिव्‍यांगता में कोई प्रगति या प्रतिगमन (रेग्रेस) नहीं है।

अस्थायी यूडीआईडी: सक्षम चिकित्सा प्राधिकरण दिव्‍यांगजन की दिव्‍यांगता में प्रगति या प्रतिगमन (रेग्रेस) पर विचार करते हुए अस्थायी यूडीआईडी कार्ड जारी करता है।

35.  यूडीआईडी कार्ड द्वारा कितनी दिव्‍यांगताओं को मान्यता दी जाती है?
यूडीआईडी आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम 2016 में यथा उल्लिखित 21 प्रकार की दिव्‍यांगताओं को मान्यता देता है।

36.  क्या यूडीआईडी कार्ड जारी करने के लिए आधार नंबर अनिवार्य है?
अभी तक यूडीआईडी कार्ड जारी करने के लिए आधार अनिवार्य नहीं है।

37.  यदि राज्य समन्वयक और सीएमओ कार्यालय द्वारा मेरी शिकायत का समाधान नहीं किया जाता है तो केंद्रीय मंत्रालय (डीईपीडब्ल्यूडी) में संपर्क नंबर क्या हैं?
यदि राज्य समन्वयक और सीएमओ कार्यालय द्वारा दिव्‍यांगजन की शिकायत का समाधान नहीं किया जाता है, तो दिव्‍यांगजन 011-24365019, +91 93549 39703 पर कॉल करके या ईमेल द्वारा disability-udid@gov.in अपनी शिकायत प्रस्‍तुत कर सकते है।

38.  क्या मैं पोर्टल पर मूल्यांकन के लिए अपने जिला सीएमओ के पास लंबित यूडीआईडी मूल्यांकन और सीएमओ कार्यालय में अपनी प्रतीक्षा सूची संख्या देख सकता हूं?
दिव्‍यांगजन यूडीआईडी पोर्टल पर अपने यूडीआईडी आवेदन की स्थिति की जांच कर सकते हैं, लेकिन मूल्यांकन की प्रतीक्षा सूची संख्या की जांच करने के लिए, उन्हें जिले के संबंधित सीएमओ / डीएमओ / चिकित्सा प्रभारी से संपर्क करना होगा।

39.  क्या मैं मूल्यांकन के लिए अपनी पसंद का अस्पताल चुन सकता हूं?
यदि संबंधित जिले में मूल्यांकन के लिए एक से अधिक अधिसूचित सरकारी अस्पताल हैं तो दिव्‍यांगजन के पास अपनी पसंद के अनुसार उसे चुनने का विकल्प है।

40.  क्या मैं अस्पताल का नाम बदल सकता हूं यदि मेरे जिले में 1 से अधिक अस्पताल हैं जो यूडीआईडी मूल्यांकन के लिए राज्य सरकार द्वारा अधिकृत हैं?
जी, हाँ। दिव्‍यांगजन के पास इस मामले में यूडीआईडी आवेदन भरते समय ऐसा करने का विकल्प है।

41.  यदि मैंने कुछ गलत या अधूरी सूचना भरी है, तो क्या मैं अपने यूडीआईडी आवेदन को संपादित कर सकता हूं? क्या मूल्यांकन होने के बाद मैं अपना आवेदन संपादित कर सकता हूं?
जी, हां, दिव्‍यांगजन अपने आवेदन को तब तक संपादित कर सकता है जब तक कि यह सबमिट मूड में न हो। एक बार सीएमओ/डीएमओ/मेडिकल प्रभारी द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर कार्रवाई करने के बाद (यूडीआईडी आवेदन सत्यापित करें), दिव्‍यांगजन इसे संपादित नहीं कर सकता है। उन्‍हें इस मामले में आवेदन को संपादित करने के लिए संबंधित चिकित्सा प्राधिकरण से संपर्क करने की आवश्यकता है।

42.  मैं बेहतर सेवाओं के लिए अपने यूडीआईडी डेटाबेस में अपना आधार नंबर अपडेट करना चाहता हूं, मैं कैसे कर सकता हूं?
अब तक, यह सेवा हमारे पोर्टल में उपलब्ध नहीं है। यूडीआईडी कार्ड में किसी भी तरह के बदलाव/अपडेट या संशोधन करने के लिए दिव्‍यांगजन को जिले के संबंधित चिकित्सा प्राधिकरण (सीएमओ/डीएमओ/मेडिकल प्रभारी) से संपर्क करना होगा।

43.  मुझसे मेरी यूडीआईडी रसीद की प्रति खो गई है और नामांकन संख्या भूल गया हूं, मैं यूडीआईडी आवेदन की अपनी रसीद की प्रति कैसे प्राप्त कर सकता हूं?
दिव्‍यांगजन को यूडीआईडी पोर्टल (https://www.swavlambancard.gov.in/) के "होम" पेज पर जाना होगा और "अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक करें" का चयन करना होगा। "ट्रैक योर एप्लीकेशन स्टेटस" पर, दिव्‍यांगजन को नामांकन / यूडीआईडी / अनुरोध संख्या / मोबाइल नंबर / आधार नंबर दर्ज करना होगा और "गो" पर क्लिक करना होगा। ऐसा करने से, नामांकन संख्या दिखाई देगी। नामांकन संख्या प्राप्त करें और "होम पेज" के "लॉगिन" विकल्प पर जाएं। लॉगिन विकल्प पर, दिव्‍यांगजन को लॉगिन के लिए नामांकन संख्या, जन्म तिथि और कैप्चा कोड दर्ज करना होगा। एक बार लॉग इन करने के बाद, दिव्‍यांगजन अपनी रसीद की प्रति डाउनलोड कर सकता है।

44.  यदि मैं अपना यूडीआईडी कार्ड खो देता हूं/ खो जाता है तो किस प्रक्रिया का अनुपालन किया जाना है?
दिव्‍यांगजन को यूडीआईडी पोर्टल के माध्यम से "लॉस्ट यूडीआईडी कार्ड" के लिए आवेदन करना होगा ।


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